आरबीआई की सहायक कंपनियां (Subsidiaries of RBI)

सहायक कंपनी (Subsidiary) वह कंपनी होती है, जिस पर मूल कंपनी (Parent or Holding Company) का पूर्ण नियंत्रण होता है। इसे डॉटर कंपनी (Daughter Company) भी कहा जाता है।

आरबीआई की सहायक कंपनियां (Subsidiaries of RBI)

वर्तमान में आरबीआई की 4 सहायक कंपनियां (RBI Subsidiaries) है।

  • जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation of India-DICGC)
  • भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (Bharatiya Reserve Bank Note Mudran Private Limited-BRBNMPL)
  • रिजर्व बैंक इंफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (Reserve Bank Information Technology Private Limited-ReBIT)
  • भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी और संबद्ध सेवाएं (Indian Financial Technology and Allied Services-IFTAS)

जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation of India-DICGC)

जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (DICGC) की स्थापना DICGC Act 1961 के तहत 15 जुलाई 1978 को हुई थी। DICGC को जमा बीमा निगम (Deposit Insurance Corporation-DIC) और क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (Credit Guarantee Corporation of India Ltd.-CGCI) का विलय (Merge) करके बनाया गया।

DICGC का मुख्‍यालय मुंबई (Mumbai) में है। इसके चेयरमैन (Chairman) रिजर्व बैंक के डिप्‍टी गवर्नर (Deputy Governor) डॉ. एम.डी. पात्रा (Dr. M.D. Patra) है।

DICGC Act 1961 के प्रावधानों के अनुसार Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation of India (DICGC) के कार्य रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India-RBI) नियंत्रित करता है।

यह भारत में बैंकों के लिए जमा बीमा और ऋण गारंटी के रूप में कार्य करता है। इसका प्राथमिक कार्य सभी बैंकों में जमा धन का बीमा (Insurance) करना है।

यह सभी प्रकार के सेविंग डिपॉजिट, फिक्स्ड डिपॉजिट, आवर्ती जमा के लिए एक बैंक में जमा के लिए अधिकतम 5 लाख तक की बीमा सुविधा (Insurance Facility) प्रदान करता है। 4 फरवरी 2020 से पहले यह राशि एक लाख रुपए थी। यानी आमजन का बैंकों मे जमा राशि का अधिकतम 5 लाख रुपए सुरक्षित है।

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) के पास जमा भी DICGC ने कवर किए हैं। सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (Scheduled commercial Banks) और सहकारी बैंक (Cooperative Banks) DICGC के अंतर्गत आते हैं। भारत में चलने वाले विदेशी बैंकों (Foreign Banks) को भी शामिल किया गया है।

प्राथमिक कृषि साख समितियां (Primary Agricultural Credit Society-PACS), मेघालय (Meghalaya) के कॉर्पोरेटिव बैंक, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा लक्षद्वीप के कॉर्पोरेट बैंक इसमें शामिल नहीं किए गए है।

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (Bharatiya Reserve Bank Note Mudran Private Limited-BRBNMPL)

भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण (प्रा) लिमिटेड (Bharatiya Reserve Bank Note Mudran Private Limited-BRBNMPL) की स्थापना भारत में बैंक नोट (Bank Note) का उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India -RBI) के संपूर्ण स्वामित्वाधीन सहायक कंपनी के रूप में 3 फरवरी 1995 को हुई, ताकि रिज़र्व बैंक देश में बैंक नोट के लिए आपूर्ति तथा मांग के बीच के फ़ासले को मिटा सके।

BRBNMPL का रजिस्‍ट्रेशन कंपनी अधिनियम 1956 (Company Act 1956) के तहत प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में किया गया है।

BRBNMPL का रजिस्‍टर्ड तथा कार्पोरेट कार्यालय (Corporate Office) बेंगलूरु (Bengaluru) में स्थित है। इसके चेयरमैन (Chairman) बी.पी. कानूनगो (B. P. Kanungo) है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India -RBI) की 4 प्रिंटिंग यूनिट (Printing Unit)- नासिक (Nasik-Western India), देवास (Dewas-Central India), मैसूर (Mysore-Southern India) और शालबनी (Salboni-Eastern India) में है।

इन 4 प्रिंटिंग यूनिट में नासिक (Nasik) और देवास (Dewa) भारत सरकार के पास है जबकि 2 प्रेस यूनिट BRBNMPL संभालती है। BRBNMPL की दोनों प्रेस की वर्तमान क्षमता प्रति वर्ष 2 शिफ्ट बेसिस पर 16 बिलियन नोट पीसेस हैं।

रिजर्व बैंक इंफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (Reserve Bank Information Technology Private Limited-ReBIT)

भारतीय बैंकिंग की आईटी और साइबर सुरक्षा (IT and Cyber Security) आवश्यकताओं का पूरा के लिए रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने 2016 में इसकी स्‍थापना की।

यह सुरक्षा ऑडिट (Security Audits) और घटना विश्लेषण (Incident Analysis) के माध्यम से विनियमित संस्थाओं के जोखिम-आधारित पर्यवेक्षण करने में RBI की सहायता करता है।

आर्किटेक्चर और अत्याधुनिक सुरक्षा बुनियादी ढांचे और सेवाओं के माध्यम से साइबर खतरों (Cyber Threats) का पता लगाकर आरबीआई की संपत्ति की सुरक्षा करता है।

Rebit का मुख्‍यालय मुंबई (Mumbai) में है। इसके चेयरमैन (Chairman) किरन कार्णिक (Kiran Karnik) है।

Rebit की टैगलाइन (Tagline) Reassuring. Redefining. Resilient है।

भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी और संबद्ध सेवाएं (Indian Financial Technology and Allied Services-IFTAS)

भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी और संबद्ध सेवाएं (IFTAS) भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Subsidiaries of RBI) है।

IFTAS रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India), बैंकों (Banks) और वित्तीय संस्थानों (Financial Institutions) के लिए आईटी से संबंधित आवश्यक सेवाओं को डिजाइन, डिप्लॉय करती है।

IFTAS को एजिस ग्राहम बेल अवार्ड (Aegis Graham Bell Award) के 10वें संस्करण में इनोवेशन इन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Innovation in Digital Transformation) श्रेणी में सम्मानित किया गया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 14 दिसंबर 2020 को आरटीजीएस (RTGS) सुविधा को 24 घंटे उपलब्‍ध कराने की घोषणा की। इसे लागू करने में IFTAS ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई।

IFTAS का मुख्‍यालय मुंबई (Mumbai) में है। इसके चेयरमैन (Chairman) टी. रबी शंकर (T. Rabi Sankar) है।

Points to Remember about Subsidiaries of RBI

नेशनल हाउसिंग बैंक (National Housing Bank-NHB) भी पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सहायक कंपनी (Subsidiaries of RBI) थी। लेकिन 19 मार्च 2019 को 1,450 करोड़ रुपए में अपनी हिस्‍सेदारी भारत सरकार को बेच दी। इसके बाद से एनएचबी पूर्ण सरकारी स्‍वामित्‍व वाली कंपनी हो गई।

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